भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद की बड़ी संगठनात्मक घोषणा, बरेली और कानपुर मंडल में नए अध्यक्ष नियुक्तभारत लाइव टीवी न्यूजभारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन की ओर से एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक घोषणा की गई है। संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं सलाहकार डॉ. कमल टावरी (आईएएस सेवानिवृत्त) की सहमति तथा राष्ट्रीय एवं प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की सर्वसम्मति से संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।दिनांक 10 मार्च 2026 को सर्वसम्मति से दो महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ की गई हैं।श्री देवदत्त गंगवार को बरेली मंडल, उत्तर प्रदेश का मंडल अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। वहीं श्री कुलदीप सिंह (निवासी – कानपुर देहात) को कानपुर मंडल, उत्तर प्रदेश का मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।संगठन को पूर्ण विश्वास है कि दोनों पदाधिकारी अपने-अपने मंडलों के सभी जनपदों में तहसील, ब्लॉक और ग्राम स्तर तक संगठन की कार्यकारिणी गठित करेंगे और संगठन की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।संगठन का उद्देश्य किसानों, मजदूरों, युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। इसी के तहत सहकारिता से समृद्धि अभियान को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीण समाज को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।संगठन का मानना है कि जब देश का किसान, मजदूर, युवा और महिला आर्थिक रूप से सशक्त होंगे, तभी भारत विश्व मंच पर एक मजबूत आर्थिक शक्ति और विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा।इसी के साथ संगठन ने नव मनोनीत पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी हैं और उनसे अपेक्षा की है कि वे संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।जय जवान – जय किसानभारत माता की जय प्रयागराज क्राइम भाजपा नेता कमल मिश्रा और क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय की शिष्टाचार मुलाकात, विकास कार्यों पर हुई चर्चाप्रयागराज / भारत लाइव टीवी न्यूजप्रयागराज में भाजपा नेता कमल मिश्रा और भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय के बीच शिष्टाचार मुलाकात हुई। इस दौरान क्षेत्र के विकास कार्यों और जनसमस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की और आने वाले समय में क्षेत्र के विकास को और गति देने को लेकर विचार-विमर्श किया। साथ ही जनहित से जुड़े मुद्दों और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा की गई।भाजपा नेता कमल मिश्रा ने सहजानंद राय से क्षेत्र के विकास को लेकर सुझाव लिए और जनसमस्याओं के समाधान के लिए सहयोग की अपेक्षा जताई। वहीं सहजानंद राय ने भी क्षेत्र के विकास और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया।इस अवसर पर मौजूद कार्यकर्ताओं और लोगों ने क्षेत्र के विकास को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताई और नेताओं की इस मुलाकात को महत्वपूर्ण बताया। प्रयागराज की शालिनी सरोज बनी IAS, मेहनत और लगन से हासिल की बड़ी सफलताप्रयागराज / भारत लाइव टीवी न्यूजप्रयागराज की बेटी शालिनी सरोज ने कड़ी मेहनत और लगन के दम पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।बताया जा रहा है कि शालिनी सरोज ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई और तैयारी जारी रखी। उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें यह बड़ी सफलता दिलाई, जिससे क्षेत्र के युवाओं को भी प्रेरणा मिल रही है।शालिनी सरोज की इस सफलता पर परिवार, मित्रों और क्षेत्र के लोगों ने गर्व व्यक्त किया है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। लोगों का कहना है कि उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। गोरखपुर में तेज रफ्तार कार की टक्कर से MBBS छात्र आकाश पांडेय की मौत, मेडिकल छात्रों में आक्रोशगोरखपुर / भारत लाइव टीवी न्यूजगोरखपुर में होली की रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार ने स्कूटी सवार छात्रों को टक्कर मार दी, जिससे यह हादसा हुआ।जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना शाहपुर थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर ओवरब्रिज के पास हुई। हादसे में आकाश पांडेय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।घटना के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज के छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला। छात्रों ने न्याय की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी वाहन चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रयागराज के अतुल सिंह पटेल का IAS में चयन, क्षेत्र में खुशी की लहरप्रयागराज / भारत लाइव टीवी न्यूजप्रयागराज जिले के कोरांव तहसील के उरुवा गांव निवासी अतुल सिंह पटेल का भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयन होने से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनके चयन से परिवार, गांव और पूरे जिले में गर्व और उत्साह का माहौल है।बताया जा रहा है कि अतुल सिंह पटेल ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर यह सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं को भी प्रेरणा मिल रही है और वे भी प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी के लिए उत्साहित हो रहे हैं।अतुल सिंह पटेल की इस सफलता पर क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोगों का कहना है कि उनकी यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है।
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भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद की बड़ी संगठनात्मक घोषणा, बरेली और कानपुर मंडल में नए अध्यक्ष नियुक्तभारत लाइव टीवी न्यूजभारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन की ओर से एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक घोषणा की गई है। संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं सलाहकार डॉ. कमल टावरी (आईएएस सेवानिवृत्त) की सहमति तथा राष्ट्रीय एवं प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की सर्वसम्मति से संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।दिनांक 10 मार्च 2026 को सर्वसम्मति से दो महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ की गई हैं।श्री देवदत्त गंगवार को बरेली मंडल, उत्तर प्रदेश का मंडल अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। वहीं श्री कुलदीप सिंह (निवासी – कानपुर देहात) को कानपुर मंडल, उत्तर प्रदेश का मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।संगठन को पूर्ण विश्वास है कि दोनों पदाधिकारी अपने-अपने मंडलों के सभी जनपदों में तहसील, ब्लॉक और ग्राम स्तर तक संगठन की कार्यकारिणी गठित करेंगे और संगठन की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।संगठन का उद्देश्य किसानों, मजदूरों, युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। इसी के तहत सहकारिता से समृद्धि अभियान को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीण समाज को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।संगठन का मानना है कि जब देश का किसान, मजदूर, युवा और महिला आर्थिक रूप से सशक्त होंगे, तभी भारत विश्व मंच पर एक मजबूत आर्थिक शक्ति और विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा।इसी के साथ संगठन ने नव मनोनीत पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी हैं और उनसे अपेक्षा की है कि वे संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।जय जवान – जय किसानभारत माता की जय

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प्रयागराज की शालिनी सरोज बनी IAS, मेहनत और लगन से हासिल की बड़ी सफलताप्रयागराज / भारत लाइव टीवी न्यूजप्रयागराज की बेटी शालिनी सरोज ने कड़ी मेहनत और लगन के दम पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।बताया जा रहा है कि शालिनी सरोज ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई और तैयारी जारी रखी। उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें यह बड़ी सफलता दिलाई, जिससे क्षेत्र के युवाओं को भी प्रेरणा मिल रही है।शालिनी सरोज की इस सफलता पर परिवार, मित्रों और क्षेत्र के लोगों ने गर्व व्यक्त किया है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। लोगों का कहना है कि उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

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प्रयागराज के अतुल सिंह पटेल का IAS में चयन, क्षेत्र में खुशी की लहरप्रयागराज / भारत लाइव टीवी न्यूजप्रयागराज जिले के कोरांव तहसील के उरुवा गांव निवासी अतुल सिंह पटेल का भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयन होने से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनके चयन से परिवार, गांव और पूरे जिले में गर्व और उत्साह का माहौल है।बताया जा रहा है कि अतुल सिंह पटेल ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर यह सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं को भी प्रेरणा मिल रही है और वे भी प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी के लिए उत्साहित हो रहे हैं।अतुल सिंह पटेल की इस सफलता पर क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोगों का कहना है कि उनकी यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है।

लखनऊ। भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं राष्ट्रीय सलाहकार, राज्य से लेकर पीएमओ तक सचिव रहे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. कमल टावरी आज भारत के एक प्रख्यात प्रशासक, चिंतक और समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।1968 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे डॉ. कमल टावरी ने अपने लंबे प्रशासनिक जीवन में केंद्र और राज्य सरकार के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने आराम का रास्ता नहीं चुना, बल्कि अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित कर दिया। उनका स्पष्ट उद्देश्य है — ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भर भारत, स्वावलंबी समाज, सशक्त राष्ट्र और समृद्ध भारत का निर्माण।वर्तमान समय में डॉ. कमल टावरी भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं राष्ट्रीय सलाहकार के रूप में किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों के हितों के लिए अपने अनुभव और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।वे देशभर में किसानों, युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें कृषि, उद्यमिता, कौशल विकास, स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग तथा स्वरोजगार के अनेक विकल्पों के बारे में जानकारी देते हैं।डॉ. कमल टावरी सहकारिता के माध्यम से समृद्धि के विचार को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उनका मानना है कि सहकारिता के माध्यम से प्रत्येक ग्राम में आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है और ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।उनका स्पष्ट मानना है कि यदि गांव मजबूत होंगे तो भारत मजबूत होगा। इसी सोच के साथ वे लगातार ग्राम स्वराज की अवधारणा को मजबूत करने, किसानों को संगठित करने और युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।इसके साथ ही वे शिक्षा और वैश्विक स्तर पर भी सक्रिय हैं। वे Panchgaon University, चेन्नई के वाइस चांसलर के रूप में शिक्षा, शोध और मूल्य आधारित ज्ञान को बढ़ावा दे रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। वे UNACCC में सीनियर एडवाइजर के रूप में कार्य करते हुए विश्व कल्याण, मानवता और सतत विकास से जुड़े विषयों पर अपनी सलाह और अनुभव प्रदान कर रहे हैं।डॉ. कमल टावरी एक प्रख्यात लेखक भी हैं। उन्होंने अब तक लगभग 60 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिनमें राष्ट्र निर्माण, सुशासन, आध्यात्मिक चिंतन, सामाजिक विकास और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर गहन विचार प्रस्तुत किए गए हैं।आज भी वे भारत और विश्व के विभिन्न मंचों पर सक्रिय रहकर किसानों, युवाओं और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास के अवसर पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।डॉ. कमल टावरी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सेवानिवृत्ति अंत नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए नई शुरुआत हो सकती है।अंत में उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे उनके संदेश को आत्मसात करें और एक समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।जय जवान , जय किसान।

ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत के पक्षधर हैं पूर्व आईएएस डॉ. कमल टावरीन्यूज़ मैटर:पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. कमल टावरी देश में ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूत करने की बात करते हैं। उनका मानना है कि भारत की वास्तविक शक्ति गांवों में बसती है और ग्रामीण समाज के विकास से ही देश का समग्र विकास संभव है।डॉ. टावरी ने अपने प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का प्रयास किया है। वे युवाओं को सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।संन्यास ग्रहण करने के बाद स्वामी कमलानंद गिरि के रूप में भी वे समाज, पर्यावरण और ग्रामीण जागरण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।

आईएएस (सेवानिवृत्त) डॉ. कमल टावरी: सेना से प्रशासन और फिर अध्यात्म तक प्रेरणादायक सफरन्यूज़ मैटर:भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. कमल टावरी का जीवन सेना, प्रशासन और आध्यात्मिक साधना का अनोखा संगम रहा है। उनका जन्म 1 अगस्त 1946 को महाराष्ट्र के वर्धा में हुआ। उन्होंने एलएलबी और अर्थशास्त्र में पीएचडी की शिक्षा प्राप्त की।डॉ. टावरी ने अपने करियर की शुरुआत भारतीय सेना से की और लगभग 6 वर्षों तक सेना में सेवा दी। इसके बाद वे 1968 बैच के आईएएस अधिकारी बने और उत्तर प्रदेश कैडर में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।लगभग 38 वर्षों की प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और केंद्र सरकार में योजना आयोग के सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले।सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सामाजिक, बौद्धिक और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कार्य जारी रखा। वर्ष 2022 में बद्रीनाथ धाम में संन्यास ग्रहण करने के बाद उनका नाम स्वामी कमलानंद गिरि हो गया। वर्तमान में वे आध्यात्मिक साधना, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण समाज जागरण में सक्रिय हैं।

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लखनऊ। भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं राष्ट्रीय सलाहकार, राज्य से लेकर पीएमओ तक सचिव रहे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. कमल टावरी आज भारत के एक प्रख्यात प्रशासक, चिंतक और समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।1968 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे डॉ. कमल टावरी ने अपने लंबे प्रशासनिक जीवन में केंद्र और राज्य सरकार के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने आराम का रास्ता नहीं चुना, बल्कि अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित कर दिया। उनका स्पष्ट उद्देश्य है — ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भर भारत, स्वावलंबी समाज, सशक्त राष्ट्र और समृद्ध भारत का निर्माण।वर्तमान समय में डॉ. कमल टावरी भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं राष्ट्रीय सलाहकार के रूप में किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों के हितों के लिए अपने अनुभव और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।वे देशभर में किसानों, युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें कृषि, उद्यमिता, कौशल विकास, स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग तथा स्वरोजगार के अनेक विकल्पों के बारे में जानकारी देते हैं।डॉ. कमल टावरी सहकारिता के माध्यम से समृद्धि के विचार को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उनका मानना है कि सहकारिता के माध्यम से प्रत्येक ग्राम में आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है और ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।उनका स्पष्ट मानना है कि यदि गांव मजबूत होंगे तो भारत मजबूत होगा। इसी सोच के साथ वे लगातार ग्राम स्वराज की अवधारणा को मजबूत करने, किसानों को संगठित करने और युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।इसके साथ ही वे शिक्षा और वैश्विक स्तर पर भी सक्रिय हैं। वे Panchgaon University, चेन्नई के वाइस चांसलर के रूप में शिक्षा, शोध और मूल्य आधारित ज्ञान को बढ़ावा दे रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। वे UNACCC में सीनियर एडवाइजर के रूप में कार्य करते हुए विश्व कल्याण, मानवता और सतत विकास से जुड़े विषयों पर अपनी सलाह और अनुभव प्रदान कर रहे हैं।डॉ. कमल टावरी एक प्रख्यात लेखक भी हैं। उन्होंने अब तक लगभग 60 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिनमें राष्ट्र निर्माण, सुशासन, आध्यात्मिक चिंतन, सामाजिक विकास और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर गहन विचार प्रस्तुत किए गए हैं।आज भी वे भारत और विश्व के विभिन्न मंचों पर सक्रिय रहकर किसानों, युवाओं और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास के अवसर पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।डॉ. कमल टावरी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सेवानिवृत्ति अंत नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए नई शुरुआत हो सकती है।अंत में उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे उनके संदेश को आत्मसात करें और एक समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।जय जवान , जय किसान।

ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत के पक्षधर हैं पूर्व आईएएस डॉ. कमल टावरीन्यूज़ मैटर:पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. कमल टावरी देश में ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूत करने की बात करते हैं। उनका मानना है कि भारत की वास्तविक शक्ति गांवों में बसती है और ग्रामीण समाज के विकास से ही देश का समग्र विकास संभव है।डॉ. टावरी ने अपने प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का प्रयास किया है। वे युवाओं को सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।संन्यास ग्रहण करने के बाद स्वामी कमलानंद गिरि के रूप में भी वे समाज, पर्यावरण और ग्रामीण जागरण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।

आईएएस (सेवानिवृत्त) डॉ. कमल टावरी: सेना से प्रशासन और फिर अध्यात्म तक प्रेरणादायक सफरन्यूज़ मैटर:भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. कमल टावरी का जीवन सेना, प्रशासन और आध्यात्मिक साधना का अनोखा संगम रहा है। उनका जन्म 1 अगस्त 1946 को महाराष्ट्र के वर्धा में हुआ। उन्होंने एलएलबी और अर्थशास्त्र में पीएचडी की शिक्षा प्राप्त की।डॉ. टावरी ने अपने करियर की शुरुआत भारतीय सेना से की और लगभग 6 वर्षों तक सेना में सेवा दी। इसके बाद वे 1968 बैच के आईएएस अधिकारी बने और उत्तर प्रदेश कैडर में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।लगभग 38 वर्षों की प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और केंद्र सरकार में योजना आयोग के सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले।सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सामाजिक, बौद्धिक और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कार्य जारी रखा। वर्ष 2022 में बद्रीनाथ धाम में संन्यास ग्रहण करने के बाद उनका नाम स्वामी कमलानंद गिरि हो गया। वर्तमान में वे आध्यात्मिक साधना, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण समाज जागरण में सक्रिय हैं।

शंकरगढ़ में हत्या का खुलासा, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तारप्रयागराज / भारत लाइव टीवी न्यूजप्रयागराज के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।जानकारी के अनुसार, 17 फरवरी को हुई वारदात के बाद शव को जंगल में फेंक दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों से पूछताछ की।जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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लखनऊ। भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं राष्ट्रीय सलाहकार, राज्य से लेकर पीएमओ तक सचिव रहे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. कमल टावरी आज भारत के एक प्रख्यात प्रशासक, चिंतक और समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।1968 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे डॉ. कमल टावरी ने अपने लंबे प्रशासनिक जीवन में केंद्र और राज्य सरकार के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने आराम का रास्ता नहीं चुना, बल्कि अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित कर दिया। उनका स्पष्ट उद्देश्य है — ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भर भारत, स्वावलंबी समाज, सशक्त राष्ट्र और समृद्ध भारत का निर्माण।वर्तमान समय में डॉ. कमल टावरी भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं राष्ट्रीय सलाहकार के रूप में किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों के हितों के लिए अपने अनुभव और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।वे देशभर में किसानों, युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें कृषि, उद्यमिता, कौशल विकास, स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग तथा स्वरोजगार के अनेक विकल्पों के बारे में जानकारी देते हैं।डॉ. कमल टावरी सहकारिता के माध्यम से समृद्धि के विचार को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उनका मानना है कि सहकारिता के माध्यम से प्रत्येक ग्राम में आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है और ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।उनका स्पष्ट मानना है कि यदि गांव मजबूत होंगे तो भारत मजबूत होगा। इसी सोच के साथ वे लगातार ग्राम स्वराज की अवधारणा को मजबूत करने, किसानों को संगठित करने और युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।इसके साथ ही वे शिक्षा और वैश्विक स्तर पर भी सक्रिय हैं। वे Panchgaon University, चेन्नई के वाइस चांसलर के रूप में शिक्षा, शोध और मूल्य आधारित ज्ञान को बढ़ावा दे रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। वे UNACCC में सीनियर एडवाइजर के रूप में कार्य करते हुए विश्व कल्याण, मानवता और सतत विकास से जुड़े विषयों पर अपनी सलाह और अनुभव प्रदान कर रहे हैं।डॉ. कमल टावरी एक प्रख्यात लेखक भी हैं। उन्होंने अब तक लगभग 60 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिनमें राष्ट्र निर्माण, सुशासन, आध्यात्मिक चिंतन, सामाजिक विकास और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर गहन विचार प्रस्तुत किए गए हैं।आज भी वे भारत और विश्व के विभिन्न मंचों पर सक्रिय रहकर किसानों, युवाओं और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास के अवसर पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।डॉ. कमल टावरी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सेवानिवृत्ति अंत नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए नई शुरुआत हो सकती है।अंत में उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे उनके संदेश को आत्मसात करें और एक समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।जय जवान , जय किसान।

ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत के पक्षधर हैं पूर्व आईएएस डॉ. कमल टावरीन्यूज़ मैटर:पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. कमल टावरी देश में ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूत करने की बात करते हैं। उनका मानना है कि भारत की वास्तविक शक्ति गांवों में बसती है और ग्रामीण समाज के विकास से ही देश का समग्र विकास संभव है।डॉ. टावरी ने अपने प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का प्रयास किया है। वे युवाओं को सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।संन्यास ग्रहण करने के बाद स्वामी कमलानंद गिरि के रूप में भी वे समाज, पर्यावरण और ग्रामीण जागरण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।

आईएएस (सेवानिवृत्त) डॉ. कमल टावरी: सेना से प्रशासन और फिर अध्यात्म तक प्रेरणादायक सफरन्यूज़ मैटर:भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. कमल टावरी का जीवन सेना, प्रशासन और आध्यात्मिक साधना का अनोखा संगम रहा है। उनका जन्म 1 अगस्त 1946 को महाराष्ट्र के वर्धा में हुआ। उन्होंने एलएलबी और अर्थशास्त्र में पीएचडी की शिक्षा प्राप्त की।डॉ. टावरी ने अपने करियर की शुरुआत भारतीय सेना से की और लगभग 6 वर्षों तक सेना में सेवा दी। इसके बाद वे 1968 बैच के आईएएस अधिकारी बने और उत्तर प्रदेश कैडर में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।लगभग 38 वर्षों की प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और केंद्र सरकार में योजना आयोग के सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले।सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सामाजिक, बौद्धिक और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कार्य जारी रखा। वर्ष 2022 में बद्रीनाथ धाम में संन्यास ग्रहण करने के बाद उनका नाम स्वामी कमलानंद गिरि हो गया। वर्तमान में वे आध्यात्मिक साधना, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण समाज जागरण में सक्रिय हैं।

शंकरगढ़ में हत्या का खुलासा, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तारप्रयागराज / भारत लाइव टीवी न्यूजप्रयागराज के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।जानकारी के अनुसार, 17 फरवरी को हुई वारदात के बाद शव को जंगल में फेंक दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों से पूछताछ की।जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

बसही में होली मिलन समारोह में जुटे क्षेत्र के गणमान्य लोग, 55 वर्षों से चली आ रही परंपराबरही / भारत लाइव टीवी न्यूजबरही क्षेत्र में आयोजित होली मिलन समारोह में बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य लोग और ग्रामीण शामिल हुए। इस कार्यक्रम में लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।बताया गया कि बरही में होली मिलन समारोह की यह परंपरा पिछले 55 वर्षों से लगातार चली आ रही है। हर वर्ष क्षेत्र के लोग एकत्र होकर इस आयोजन को बड़े उत्साह और सौहार्द के साथ मनाते हैं।कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद रहे और आपसी मेल-मिलाप के साथ क्षेत्र की सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने इस परंपरा को आगे भी इसी तरह जारी रखने का संकल्प लिया।

क्राइम

शंकरगढ़ में हत्या का खुलासा, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तारप्रयागराज / भारत लाइव टीवी न्यूजप्रयागराज के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।जानकारी के अनुसार, 17 फरवरी को हुई वारदात के बाद शव को जंगल में फेंक दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों से पूछताछ की।जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

खेल

लखनऊ। भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं राष्ट्रीय सलाहकार, राज्य से लेकर पीएमओ तक सचिव रहे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. कमल टावरी आज भारत के एक प्रख्यात प्रशासक, चिंतक और समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।1968 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे डॉ. कमल टावरी ने अपने लंबे प्रशासनिक जीवन में केंद्र और राज्य सरकार के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने आराम का रास्ता नहीं चुना, बल्कि अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित कर दिया। उनका स्पष्ट उद्देश्य है — ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भर भारत, स्वावलंबी समाज, सशक्त राष्ट्र और समृद्ध भारत का निर्माण।वर्तमान समय में डॉ. कमल टावरी भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं राष्ट्रीय सलाहकार के रूप में किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों के हितों के लिए अपने अनुभव और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।वे देशभर में किसानों, युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें कृषि, उद्यमिता, कौशल विकास, स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग तथा स्वरोजगार के अनेक विकल्पों के बारे में जानकारी देते हैं।डॉ. कमल टावरी सहकारिता के माध्यम से समृद्धि के विचार को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उनका मानना है कि सहकारिता के माध्यम से प्रत्येक ग्राम में आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है और ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।उनका स्पष्ट मानना है कि यदि गांव मजबूत होंगे तो भारत मजबूत होगा। इसी सोच के साथ वे लगातार ग्राम स्वराज की अवधारणा को मजबूत करने, किसानों को संगठित करने और युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।इसके साथ ही वे शिक्षा और वैश्विक स्तर पर भी सक्रिय हैं। वे Panchgaon University, चेन्नई के वाइस चांसलर के रूप में शिक्षा, शोध और मूल्य आधारित ज्ञान को बढ़ावा दे रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। वे UNACCC में सीनियर एडवाइजर के रूप में कार्य करते हुए विश्व कल्याण, मानवता और सतत विकास से जुड़े विषयों पर अपनी सलाह और अनुभव प्रदान कर रहे हैं।डॉ. कमल टावरी एक प्रख्यात लेखक भी हैं। उन्होंने अब तक लगभग 60 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिनमें राष्ट्र निर्माण, सुशासन, आध्यात्मिक चिंतन, सामाजिक विकास और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर गहन विचार प्रस्तुत किए गए हैं।आज भी वे भारत और विश्व के विभिन्न मंचों पर सक्रिय रहकर किसानों, युवाओं और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास के अवसर पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।डॉ. कमल टावरी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सेवानिवृत्ति अंत नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए नई शुरुआत हो सकती है।अंत में उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे उनके संदेश को आत्मसात करें और एक समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।जय जवान , जय किसान।

ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत के पक्षधर हैं पूर्व आईएएस डॉ. कमल टावरीन्यूज़ मैटर:पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. कमल टावरी देश में ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूत करने की बात करते हैं। उनका मानना है कि भारत की वास्तविक शक्ति गांवों में बसती है और ग्रामीण समाज के विकास से ही देश का समग्र विकास संभव है।डॉ. टावरी ने अपने प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का प्रयास किया है। वे युवाओं को सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।संन्यास ग्रहण करने के बाद स्वामी कमलानंद गिरि के रूप में भी वे समाज, पर्यावरण और ग्रामीण जागरण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।

आईएएस (सेवानिवृत्त) डॉ. कमल टावरी: सेना से प्रशासन और फिर अध्यात्म तक प्रेरणादायक सफरन्यूज़ मैटर:भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. कमल टावरी का जीवन सेना, प्रशासन और आध्यात्मिक साधना का अनोखा संगम रहा है। उनका जन्म 1 अगस्त 1946 को महाराष्ट्र के वर्धा में हुआ। उन्होंने एलएलबी और अर्थशास्त्र में पीएचडी की शिक्षा प्राप्त की।डॉ. टावरी ने अपने करियर की शुरुआत भारतीय सेना से की और लगभग 6 वर्षों तक सेना में सेवा दी। इसके बाद वे 1968 बैच के आईएएस अधिकारी बने और उत्तर प्रदेश कैडर में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।लगभग 38 वर्षों की प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और केंद्र सरकार में योजना आयोग के सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले।सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सामाजिक, बौद्धिक और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कार्य जारी रखा। वर्ष 2022 में बद्रीनाथ धाम में संन्यास ग्रहण करने के बाद उनका नाम स्वामी कमलानंद गिरि हो गया। वर्तमान में वे आध्यात्मिक साधना, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण समाज जागरण में सक्रिय हैं।

धर्म

लखनऊ। भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं राष्ट्रीय सलाहकार, राज्य से लेकर पीएमओ तक सचिव रहे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. कमल टावरी आज भारत के एक प्रख्यात प्रशासक, चिंतक और समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।1968 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे डॉ. कमल टावरी ने अपने लंबे प्रशासनिक जीवन में केंद्र और राज्य सरकार के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने आराम का रास्ता नहीं चुना, बल्कि अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित कर दिया। उनका स्पष्ट उद्देश्य है — ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भर भारत, स्वावलंबी समाज, सशक्त राष्ट्र और समृद्ध भारत का निर्माण।वर्तमान समय में डॉ. कमल टावरी भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं राष्ट्रीय सलाहकार के रूप में किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों के हितों के लिए अपने अनुभव और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।वे देशभर में किसानों, युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें कृषि, उद्यमिता, कौशल विकास, स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग तथा स्वरोजगार के अनेक विकल्पों के बारे में जानकारी देते हैं।डॉ. कमल टावरी सहकारिता के माध्यम से समृद्धि के विचार को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उनका मानना है कि सहकारिता के माध्यम से प्रत्येक ग्राम में आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है और ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।उनका स्पष्ट मानना है कि यदि गांव मजबूत होंगे तो भारत मजबूत होगा। इसी सोच के साथ वे लगातार ग्राम स्वराज की अवधारणा को मजबूत करने, किसानों को संगठित करने और युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।इसके साथ ही वे शिक्षा और वैश्विक स्तर पर भी सक्रिय हैं। वे Panchgaon University, चेन्नई के वाइस चांसलर के रूप में शिक्षा, शोध और मूल्य आधारित ज्ञान को बढ़ावा दे रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। वे UNACCC में सीनियर एडवाइजर के रूप में कार्य करते हुए विश्व कल्याण, मानवता और सतत विकास से जुड़े विषयों पर अपनी सलाह और अनुभव प्रदान कर रहे हैं।डॉ. कमल टावरी एक प्रख्यात लेखक भी हैं। उन्होंने अब तक लगभग 60 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिनमें राष्ट्र निर्माण, सुशासन, आध्यात्मिक चिंतन, सामाजिक विकास और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर गहन विचार प्रस्तुत किए गए हैं।आज भी वे भारत और विश्व के विभिन्न मंचों पर सक्रिय रहकर किसानों, युवाओं और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास के अवसर पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।डॉ. कमल टावरी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सेवानिवृत्ति अंत नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए नई शुरुआत हो सकती है।अंत में उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे उनके संदेश को आत्मसात करें और एक समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।जय जवान , जय किसान।

ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत के पक्षधर हैं पूर्व आईएएस डॉ. कमल टावरीन्यूज़ मैटर:पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. कमल टावरी देश में ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूत करने की बात करते हैं। उनका मानना है कि भारत की वास्तविक शक्ति गांवों में बसती है और ग्रामीण समाज के विकास से ही देश का समग्र विकास संभव है।डॉ. टावरी ने अपने प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का प्रयास किया है। वे युवाओं को सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।संन्यास ग्रहण करने के बाद स्वामी कमलानंद गिरि के रूप में भी वे समाज, पर्यावरण और ग्रामीण जागरण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।

आईएएस (सेवानिवृत्त) डॉ. कमल टावरी: सेना से प्रशासन और फिर अध्यात्म तक प्रेरणादायक सफरन्यूज़ मैटर:भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. कमल टावरी का जीवन सेना, प्रशासन और आध्यात्मिक साधना का अनोखा संगम रहा है। उनका जन्म 1 अगस्त 1946 को महाराष्ट्र के वर्धा में हुआ। उन्होंने एलएलबी और अर्थशास्त्र में पीएचडी की शिक्षा प्राप्त की।डॉ. टावरी ने अपने करियर की शुरुआत भारतीय सेना से की और लगभग 6 वर्षों तक सेना में सेवा दी। इसके बाद वे 1968 बैच के आईएएस अधिकारी बने और उत्तर प्रदेश कैडर में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।लगभग 38 वर्षों की प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और केंद्र सरकार में योजना आयोग के सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले।सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सामाजिक, बौद्धिक और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कार्य जारी रखा। वर्ष 2022 में बद्रीनाथ धाम में संन्यास ग्रहण करने के बाद उनका नाम स्वामी कमलानंद गिरि हो गया। वर्तमान में वे आध्यात्मिक साधना, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण समाज जागरण में सक्रिय हैं।

बसही में होली मिलन समारोह में जुटे क्षेत्र के गणमान्य लोग, 55 वर्षों से चली आ रही परंपराबरही / भारत लाइव टीवी न्यूजबरही क्षेत्र में आयोजित होली मिलन समारोह में बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य लोग और ग्रामीण शामिल हुए। इस कार्यक्रम में लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।बताया गया कि बरही में होली मिलन समारोह की यह परंपरा पिछले 55 वर्षों से लगातार चली आ रही है। हर वर्ष क्षेत्र के लोग एकत्र होकर इस आयोजन को बड़े उत्साह और सौहार्द के साथ मनाते हैं।कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद रहे और आपसी मेल-मिलाप के साथ क्षेत्र की सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने इस परंपरा को आगे भी इसी तरह जारी रखने का संकल्प लिया।

बिज़नेस
मनोरंजन

लखनऊ। भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं राष्ट्रीय सलाहकार, राज्य से लेकर पीएमओ तक सचिव रहे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. कमल टावरी आज भारत के एक प्रख्यात प्रशासक, चिंतक और समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।1968 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे डॉ. कमल टावरी ने अपने लंबे प्रशासनिक जीवन में केंद्र और राज्य सरकार के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने आराम का रास्ता नहीं चुना, बल्कि अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित कर दिया। उनका स्पष्ट उद्देश्य है — ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भर भारत, स्वावलंबी समाज, सशक्त राष्ट्र और समृद्ध भारत का निर्माण।वर्तमान समय में डॉ. कमल टावरी भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं राष्ट्रीय सलाहकार के रूप में किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों के हितों के लिए अपने अनुभव और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।वे देशभर में किसानों, युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें कृषि, उद्यमिता, कौशल विकास, स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग तथा स्वरोजगार के अनेक विकल्पों के बारे में जानकारी देते हैं।डॉ. कमल टावरी सहकारिता के माध्यम से समृद्धि के विचार को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उनका मानना है कि सहकारिता के माध्यम से प्रत्येक ग्राम में आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है और ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।उनका स्पष्ट मानना है कि यदि गांव मजबूत होंगे तो भारत मजबूत होगा। इसी सोच के साथ वे लगातार ग्राम स्वराज की अवधारणा को मजबूत करने, किसानों को संगठित करने और युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।इसके साथ ही वे शिक्षा और वैश्विक स्तर पर भी सक्रिय हैं। वे Panchgaon University, चेन्नई के वाइस चांसलर के रूप में शिक्षा, शोध और मूल्य आधारित ज्ञान को बढ़ावा दे रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। वे UNACCC में सीनियर एडवाइजर के रूप में कार्य करते हुए विश्व कल्याण, मानवता और सतत विकास से जुड़े विषयों पर अपनी सलाह और अनुभव प्रदान कर रहे हैं।डॉ. कमल टावरी एक प्रख्यात लेखक भी हैं। उन्होंने अब तक लगभग 60 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिनमें राष्ट्र निर्माण, सुशासन, आध्यात्मिक चिंतन, सामाजिक विकास और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर गहन विचार प्रस्तुत किए गए हैं।आज भी वे भारत और विश्व के विभिन्न मंचों पर सक्रिय रहकर किसानों, युवाओं और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास के अवसर पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।डॉ. कमल टावरी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सेवानिवृत्ति अंत नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए नई शुरुआत हो सकती है।अंत में उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे उनके संदेश को आत्मसात करें और एक समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।जय जवान , जय किसान।

राजनीति

लखनऊ। भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं राष्ट्रीय सलाहकार, राज्य से लेकर पीएमओ तक सचिव रहे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. कमल टावरी आज भारत के एक प्रख्यात प्रशासक, चिंतक और समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।1968 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे डॉ. कमल टावरी ने अपने लंबे प्रशासनिक जीवन में केंद्र और राज्य सरकार के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने आराम का रास्ता नहीं चुना, बल्कि अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित कर दिया। उनका स्पष्ट उद्देश्य है — ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भर भारत, स्वावलंबी समाज, सशक्त राष्ट्र और समृद्ध भारत का निर्माण।वर्तमान समय में डॉ. कमल टावरी भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं राष्ट्रीय सलाहकार के रूप में किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों के हितों के लिए अपने अनुभव और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।वे देशभर में किसानों, युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें कृषि, उद्यमिता, कौशल विकास, स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग तथा स्वरोजगार के अनेक विकल्पों के बारे में जानकारी देते हैं।डॉ. कमल टावरी सहकारिता के माध्यम से समृद्धि के विचार को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उनका मानना है कि सहकारिता के माध्यम से प्रत्येक ग्राम में आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है और ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।उनका स्पष्ट मानना है कि यदि गांव मजबूत होंगे तो भारत मजबूत होगा। इसी सोच के साथ वे लगातार ग्राम स्वराज की अवधारणा को मजबूत करने, किसानों को संगठित करने और युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।इसके साथ ही वे शिक्षा और वैश्विक स्तर पर भी सक्रिय हैं। वे Panchgaon University, चेन्नई के वाइस चांसलर के रूप में शिक्षा, शोध और मूल्य आधारित ज्ञान को बढ़ावा दे रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। वे UNACCC में सीनियर एडवाइजर के रूप में कार्य करते हुए विश्व कल्याण, मानवता और सतत विकास से जुड़े विषयों पर अपनी सलाह और अनुभव प्रदान कर रहे हैं।डॉ. कमल टावरी एक प्रख्यात लेखक भी हैं। उन्होंने अब तक लगभग 60 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिनमें राष्ट्र निर्माण, सुशासन, आध्यात्मिक चिंतन, सामाजिक विकास और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर गहन विचार प्रस्तुत किए गए हैं।आज भी वे भारत और विश्व के विभिन्न मंचों पर सक्रिय रहकर किसानों, युवाओं और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास के अवसर पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।डॉ. कमल टावरी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सेवानिवृत्ति अंत नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए नई शुरुआत हो सकती है।अंत में उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे उनके संदेश को आत्मसात करें और एक समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।जय जवान , जय किसान।

ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत के पक्षधर हैं पूर्व आईएएस डॉ. कमल टावरीन्यूज़ मैटर:पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. कमल टावरी देश में ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूत करने की बात करते हैं। उनका मानना है कि भारत की वास्तविक शक्ति गांवों में बसती है और ग्रामीण समाज के विकास से ही देश का समग्र विकास संभव है।डॉ. टावरी ने अपने प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का प्रयास किया है। वे युवाओं को सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।संन्यास ग्रहण करने के बाद स्वामी कमलानंद गिरि के रूप में भी वे समाज, पर्यावरण और ग्रामीण जागरण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।

आईएएस (सेवानिवृत्त) डॉ. कमल टावरी: सेना से प्रशासन और फिर अध्यात्म तक प्रेरणादायक सफरन्यूज़ मैटर:भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. कमल टावरी का जीवन सेना, प्रशासन और आध्यात्मिक साधना का अनोखा संगम रहा है। उनका जन्म 1 अगस्त 1946 को महाराष्ट्र के वर्धा में हुआ। उन्होंने एलएलबी और अर्थशास्त्र में पीएचडी की शिक्षा प्राप्त की।डॉ. टावरी ने अपने करियर की शुरुआत भारतीय सेना से की और लगभग 6 वर्षों तक सेना में सेवा दी। इसके बाद वे 1968 बैच के आईएएस अधिकारी बने और उत्तर प्रदेश कैडर में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।लगभग 38 वर्षों की प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और केंद्र सरकार में योजना आयोग के सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले।सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सामाजिक, बौद्धिक और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कार्य जारी रखा। वर्ष 2022 में बद्रीनाथ धाम में संन्यास ग्रहण करने के बाद उनका नाम स्वामी कमलानंद गिरि हो गया। वर्तमान में वे आध्यात्मिक साधना, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण समाज जागरण में सक्रिय हैं।

शंकरगढ़ में हत्या का खुलासा, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तारप्रयागराज / भारत लाइव टीवी न्यूजप्रयागराज के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।जानकारी के अनुसार, 17 फरवरी को हुई वारदात के बाद शव को जंगल में फेंक दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों से पूछताछ की।जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

बसही में होली मिलन समारोह में जुटे क्षेत्र के गणमान्य लोग, 55 वर्षों से चली आ रही परंपराबरही / भारत लाइव टीवी न्यूजबरही क्षेत्र में आयोजित होली मिलन समारोह में बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य लोग और ग्रामीण शामिल हुए। इस कार्यक्रम में लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।बताया गया कि बरही में होली मिलन समारोह की यह परंपरा पिछले 55 वर्षों से लगातार चली आ रही है। हर वर्ष क्षेत्र के लोग एकत्र होकर इस आयोजन को बड़े उत्साह और सौहार्द के साथ मनाते हैं।कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद रहे और आपसी मेल-मिलाप के साथ क्षेत्र की सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने इस परंपरा को आगे भी इसी तरह जारी रखने का संकल्प लिया।